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महिलाओ को इस चीज़ के लिए सऊदी सरकार ने दी छूट

सऊदी अरब में महिलाओं को लेकर कई चीजों में छूट नहीं है जिनमें से महिलाओं का फुटबॉल खेलना भी उस में आता है लेकिन अब महिलाओं का यह सपना साकार होने जा रहा है 22 नवंबर से सऊदी अरब में महिला फुटबॉल लीग शुरू हो गई है सऊदी अरब की लड़कियों और युवतियों के लिए यह एक बड़ा दिन था जिसमें उनका पुराना सपना सऊदी सरकार ने पूरा किया है।

सऊदी अरब में कुछ साल पहले ही महिला फुटबॉलर ऊपर दशकों पुराना प्रतिबंध हटा लिया था लेकिन अब सऊदी सरकार का लक्ष्य है एक राष्ट्रीय टीम को बड़े टूर्नामेंट में खिलाने की और इसके लिए सरकार अपनी पूरी तैयारी कर रही है।

सऊदी अरब में जहां महिलाओं को बुनियादी स्वतंत्रता का अधिकार नहीं मिलता है ऐसे में महिलाओं को खेलो में भाग लेने की अनुमति देना बड़ा बदलाव माना जा रहा है। महिलाओं को फुटबॉल जैसे खेलों में अपने जुनून को पूरा करना और अभिव्यक्ति की आजादी हासिल करने मैं काफी समय लगा लेकिन अब सऊदी सरकार महिलाओं के अधिकार पर छूट देती नजर आ रही है।

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74 साल बाद दोस्त बशीर से मिले गोपाल, करतारपुर गुरुद्वारे में यूँ हुई मुलाकात

इंसान की कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाता है और उन यादों का सबसे ज्यादा कलेक्शन हमारे बचपन से आता है हमारे बचपन के गुजरे दिन हम कभी नहीं भूल पाते और उन्हें याद कर हमें खुश होने का एक मौका भी मिलता है बचपन की सबसे खास चीज जो हम लोग करते हैं वह होती है दोस्त बनाना और बचपन के दोस्तों को हम कभी नहीं भूल पाते हैं।


भारत और पाकिस्तान का 1947 में विभाजन हुआ तो कई लोगों के घर परिवार दोस्त छूट गए थे इन्हीं में से दो दोस्तों की हम आपको कहानी बताने जा रहे हैं जोकि करतारपुर गुरुद्वारे दरबार साहिब में मिले इन्हें देख आसपास के सभी लोग भावुक हो गए यहां तक कि उनके बारे में जान के आप भी भावुक हो जाओगे।

सरदार गोपाल सिंह और मोहम्मद बशीर जो कि किस्मत से 74 साल बाद करतारपुर के गुरुद्वारे दरबार साहिब में मिले। दोनों दोस्त मिलने के बाद बेहद भावुक हो गए थे यहां तक इनके पास खड़े लोग भी भावुक हो गए थे। पाकिस्तान के नरवल में रहने वाले 91 वर्ष के मोहम्मद बशीर ने कभी सोचा नहीं था कि वह अपने दोस्त गोपाल से मिल पाएंगे।

ठीक है सही 94 वर्ष की आयु वाले सरदार गोपाल सिंह ने भी अपने दोस्त बशीर से इस तरह की मुलाकात का नहीं सोचा था। लोक कमेंट करके कह रहे हैं उनकी यह मुलाकात उनकी किस्मत में लिखी थी। ऐसे ही बहुत सी कहानियां है जो कि विभाजन के वक्त की है हम आपके लिए वह भी लेकर आते रहेंगे

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ऐसे चलायी 12 घंटे साइकिल की google मैप पर हो गयी चित्रकारी

लोग गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (GWR) बनाने के लिए सारी हदें पार कर देते हैं कोई जहाज में बैठ अंतरिक्ष से धरती पर कूदता है तो कोई सबसे तेज नोट गिन कर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराता है। लेकिन हम आपको UK के एक आर्टिस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने एक ऐसा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जिसको देख सब दंग रह गए हैं।

UK के एंथोनी होयटे (Anthony Hoyte) जिन्हें ‘पेडलिंग पिकासो’ (Pedalling Picasso) के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने एक GPS क्रिएशन बना कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। आपको GPS क्रिएशन के बारे में पहले जानकारी दे देते हैं GPS क्रिएशन एक तरह की वर्ल्ड मैप पर बनाई गई आर्ट को कहते हैं इसमें अपने पेडलिंग पिकासो ने साइकिल के जरिए GPS पर क्रिएट होने वाली ड्रा लाइन से आर्ट बनाई। हाल ही में उन्होंने साइकिंलिंग करके एक मूंछ वाले व्यक्ति का चित्र GPS पर बनाया है। इस GPS आर्ट को बनाने में उन्हें पुरे 12 घंटे का समय लग गया था।

उन्होंने लगातार 12 घंटे साइकिल करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी जीपीएस ड्राइंग (GPS Drawing) बनाई है। इसके बाद उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (GWR) में दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया की इस GPS ड्राइंग को बनाना इतना आसान नहीं था। एंथोनी ने इससे पहले भी कई GPS आर्ट बनाई है जिनमे – एक स्नोमैन, बिल्ली, बारहसिंगा जैसे और भी कैसे चित्र शामिल है। एंथोनी ने 107 किमी (66.48 मील) की दूरी तय करते हुए एक बालों वाले आदमी की आकृति बनाई, जिसका नाम उन्होंने ‘मिस्टर मूवम्बर’ रखा है। इस चित्र को उन्होंने 13 नवंबर को बनाना शुरू किया था जिसमे उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

एंथनी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (GWR) साइट के हवाले से कहा, ‘GPS आर्ट मोवेम्बर को बनाते सामान्य उन्हें शुरुआत में काफी दिक्कतें हुई, क्योंकि कंधे और गर्दन की ड्राइंग करने वाली जगहों के रास्ते बंद थे। फिर उन्होंने उनपर चढ़कर उसे ड्रॉ करने की कोशिश की फिर आंख, नाक, मुंह और जोड़ के लिए प्लान बनाया बालों के आकार के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी, क्योंकि, बाल की ड्राइंग कुछ ऐसी ही चाहिए थी।’

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UAE सरकार ने दी 50 प्रतिशत की छूट इन चीज़ों पर, सभी नागरिक उठा सकते है फायदा

यूएई में राष्ट्रीय दिवस आने वाला है जिसको देखते हुए सरकार, प्रवासियों और नागरिकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ रही है ऐसे में UAE सरकार ने अपने प्रवासियों और नागरिकों को तरह-तरह की छूट देने की घोषणा कर रही है। आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं यूएई में एक नया डिस्काउंट जारी हुआ है जहां अमीरात के मोटर चालक यातायात जुर्माने पर 50% की छूट का लाभ उठा सकते हैं।

यह डिस्काउंट यूएई की स्वर्ण जयंती के अमीरात के समारोह का एक हिस्सा है। अजमान और शाहजाह मैं भी इस सप्ताह की शुरुआत में इसी तरह की योजनाओं की घोषणा की है। यूएई में 8 दिसंबर से 6 जनवरी 2022 तक सभी मोटर चालक इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।

आपको बता दें कि यह छूट बस 31 अक्टूबर 2021 तक के जुर्माने पर ही लागू है। अजमान के निवासियों को 21 नवंबर से 31 दिसंबर तक यातायात जुर्माने पर 50% की छूट मिल सकती है।

इस छूट के अंतर्गत 40 दिनों का मौका है सभी मोटर चालक अपने ब्लैक पॉइंट रद्द करा सकते हैं अथवा अपने जप्त किए गए वाहनों को भी छुड़ा सकते हैं। इन सबके बीच शारजाह के मोटर चालकों को भी 50% की छूट यातायात जुर्माने पर मिलेगी। वह भी अपने जप्त किए हुए वाहनों कुछ हुआ सकते हैं और अपने ब्लैक पॉइंट को रद्द करा सकते हैं।

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माशा अल्लाह, मस्जिद अल-हरम में Visitors के लिए खोले गए 51 दरवाजे

सऊदी अरब में मस्जिद अल हरम के प्रशासन ने हाल ही में कहा है कि, नमाजियों को आने जाने में किसी भी तरह की असुविधा ना हो इसलिए मस्जिद अल हरम के 51 दरवाजे खोले जाएं। हरमन के प्रशासन ने कहा है कि इन दरवाजों का संगठन मस्जिद अल हरम के सभी दरवाजों का संरक्षक है। जरूरत पड़ने यह दरवाजे खोल दिए जाते हैं।

इन सभी दरवाजों पर गार्ड को तैनात कर दिया गया है जिससे कि आने जाने वाले विजिटर्स को मस्जिद अल हरम में खाना या कोई अन्य वस्तु को ले जाने से रोका जाए। प्रशासन का कहना है मस्जिद अल हरम के सभी दरवाजों का नाम और नंबर है जिससे कि आने जाने वालों को दरवाजे की पहचान करना आसान हो ताकि उनको मस्जिद al-haram से निकलने में कोई असुविधा ना हो सके।

मस्जिद प्रशासन ने बताया है इन सभी गेट पर तैनात गार्ड कि ड्यूटी 24 घंटे यानी इन गेट पर 24 घंटे गार्ड तैनात रहेंगे और इन गर्ल्स का काम यह भी है कि किसी भी विजिटर को चिकित्सा सहायता की जरूरत हो तो यह उनकी मदद करें। पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए रेड क्रिसेंट से संपर्क करें और चिकित्सा सहायता प्रदान करके रेड क्रिसेंट की मदद करें।

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दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे ज्यादा भारत के 46 शहर, गाजियाबाद में सबसे जहरीली हवा

हर साल दिवाली के बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो जाता है और लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश भी वायु प्रदूषण चुनौती से जूझ रहे हैं। भारत, चीन और पाकिस्‍तान एक बार फिर से भारी प्रदूषण से जूझ रहे हैं। हर साल की तरह से इस साल भी भारत की राजधानी नई दिल्‍ली धुएं की मोटी परत से ढंक गई है। पिछले सप्‍ताह हालत इतनी खराब हो गई कि दिल्‍ली में स्‍कूलों को बंद करना पड़ा। दुनियाभर में हवा की गुणवत्‍ता पर नजर रखने वाले IQAir की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 100 सबसे ज्‍यादा प्रदूषित सूची में चीन और पाकिस्‍तान को पछाड़कर टॉप पर पहुंच गया है। भारत के गाजियाबाद शहर की हवा देश में सबसे ज्‍यादा जहरीली है और वह चीन के होटान शहर के बाद दुनिया में दूसरा सबसे ज्‍यादा प्रदूषित शहर है।

अलजजीरा ने IQAir के हवाले से बताया कि राजधानी नई दिल्‍ली में हवा में PM2.5 पार्टिकल का स्‍तर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के स्‍वीकार्य स्‍तर से 34 गुना ज्‍यादा है। इसमें कहा गया है कि ठंड में हवा सबसे ज्‍यादा जहरीली हो जाती है जब किसान पराली जलाते हैं। PM2.5 पार्टिकल इंसान के फेफड़ों को तबाह करके रख देते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2020 में दुनिया के 100 सबसे ज्‍यादा प्रदूषित शहरों में 46 भारत के थे।

हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाले IQAir के अनुसार, 2020 में 100 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से भारत के 46, चीन के 42, पाकिस्तान के छह, बांग्लादेश के चार, इंडोनेशिया और थाईलैंड के एक-एक शहर शामिल थे। इन सभी शहरों में हवा की PM2.5 गुणवत्ता रेटिंग 50 के पार थी। इसका मतलब यहां की हवा में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से नौ भारत के हैं।

चीन का होटान सबसे अधिक प्रदूषित शहर
2020 में चीन का होटान सबसे प्रदूषित शहर रहा। सूची में दूसरे स्थान पर गाजियाबाद, तीसरे पर बुलंदशहर, चौथे पर बिसरख जलालपुर, पांचवें पर भिवाड़ी, छठे पर नोएडा, सातवें पर ग्रेटर नोएडा, आठवें पर कानपुर, नौेंवें पर लखनऊ और 10वें स्थान पर दिल्ली है।

मेडिकल जर्नल लान्सेट के मुताबिक, 2019 में वायु प्रदूषण के कारण भारत में 16 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी। प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन की जगह रसोई गैस का इस्तेमाल बढ़ने से 1990 के बाद घरों में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतें कम हुई हैं, लेकिन वातावरण में फैले प्रदूषण तत्व अधिक घातक साबित हो रहे हैं। यहां वाहनों और उद्योगों से निकलने और पराली जलाने से होने वाला धुआं प्रदूषण की मुख्य वजहों में शामिल है।

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पत्रकार खगोशी के मंगेतर का जस्टिन बीबर के लिए ओपन लेटर कहा ताना’शाहों के लिए ना गाएं गाना

जस्टिन बीबर एक बड़े पॉप स्टार है और उनके पूरी दुनिया में फैंस है जस्टिन दिसंबर के महीने में सऊदी अरब में शो करने वाले हैं. हालांकि ऐसा कभी नहीं हुआ है और उन्होंने शायद ही इसकी उम्मीद की होगी कि उन्हें खास तरह की अपीलों का सामना करना पड़ेगा. दरअसल जस्टिन से अपील की जा रही है कि वे सऊदी अरब में होने वाले शो को कैंसिल कर दें.

दरअसल अरब के दिवंगत पत्रकार खशोगी की मंगेतर ने जस्टिन बीबर से अपील की है कि वे सऊदी अरब में होने वाले शो को कैंसिल कर दें. दरअसल, साल 2018 में वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार और सऊदी अरब सरकार के आलोचक रहे जमाल खशोगी की इंस्ताुंबल स्थित सऊदी वाणिज्यिक दूतावास में ह’त्या कर दी गई थी और इस ह’त्या को लेकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर कई गंभीर आ’रोप लगे थे.

जमाल की मंगेतर हैटिस सेनगिज ने जस्टिन बीबर के लिए एक ओपन लेटर लिखा है और ये पत्र अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में भी छपा है. हैटिस ने लिखा कि मैं जस्टिन बीबर से अपील करती हूं कि अपनी प्रस्तुति को रद्द करके दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश दें कि आपके नाम और प्रतिभा का उपयोग ऐसे शासन की प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए नहीं किया जाएगा, जो अपने आलोचकों की ह’त्या कर देता हो.

इसके साथ ही उन्होंने ओपन लेटर में आगे लिखा था कि प्लीज आप जमाल के हत्या’रों के लिए गाना ना गाएं. आप इस मुद्दे पर बोलें और उनके हत्या’रों की आलोचना करें. आपकी आवाज को लाखों-करोड़ों लोग सुनेंगे और अगर आप सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का प्यादा बनने से इंकार करते हैं तो आपका मैसेज साफ होगा कि आप तानाशाहों के लिए परफॉर्म नहीं करते हैं और आपने पैसों के बजाए न्याय और आजादी को चुना है.

वहीं, इस मामले में कुछ मानवाधिकार संगठनों ने भी अपनी बात रखी है. इस शो में हिस्सा लेने वाले एसैप रॉकी, डेविड ग्वेटा, टिएस्टो और जेसन डेरुलो जैसे से अपील की गई है कि वे सऊदी अरब में मानवाधि’करों के हन’न को लेकर अपनी बात रखें और इसके साथ ही ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि सऊदी अरब का इतिहास रहा है कि वह मशहूर हस्तियों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के सहारे अपने सत्ता के दुरु’पयोग से ध्यान भटकाने की कोशिश करता है.

गौरतलब है कि जमाल का जन्म सऊदी अरब में हुआ था और इसके बाद वे अमेरिका में रहने लगे थे और वे वॉशिंगटन पोस्ट में सऊदी के क्राउन प्रिंस पर काफी आलोचनात्मक पोस्ट लिखते थे और उन्हें सऊदी अरब के लिए ठीक नहीं बताते थे. 2 अक्टूबर 2018 को जमाल की इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास के अंदर निर्म’म तरीके से ह’त्या कर दी गई थी.

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UAE – राजकुमारी के ट्वीट से सुधीर चौधरी को प्रोग्राम से निकाला गया

जी न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी को लेकर खाड़ी देशों में काफी हलचल नज़र आ रही है. आपको बताते चलें की सुधीर को लेकर अबू धाबी में एक प्रोग्राम होने वाला था जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी थी लेकिन ऐन मौके पर इस प्रोग्राम में एक ट्विस्ट आ गया. हुआ यूं की अरब अमीरात की एक राजकुमारी को जब यह मालूम हुआ की जी न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है तब उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यूनाइटेड अरब अमीरात में उनका ट्वीट वायरल हो गया.

वहीँ अब UAE की राजकुमारी ने रविवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ज़ी न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी को अबू धाबी में होने वाले प्रोग्राम से निकाल बाहर कर दिया गया है। राजकुमारी ने शनिवार को अपने ट्विटर पोस्ट्स में ज़ी न्यूज़ के विवादित एंकर को असहिष्णु आतं’कवादी बताया था।

रविवार को अपने नए ट्वीट में राजकुमारी ने लिखा, “सुधीर चौधरी को अबू धाबी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के प्रोग्राम से बहैसियत वक्ता निकाल दिया गया है। ”

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजकुमारी हेंड बिंत फैसल अल कासिम ने अपने टीवी प्रसारण के माध्यम से इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने में समाचार चैनल ज़ी न्यूज के एंकर सुधीर चौधरी की भूमिका के बावजूद अपने देश में आमंत्रित करने के लिए एक आयोजक, ICAI , की आलोचना की थी।

चौधरी को एक ‘आ’तंकवादी’ के रूप में संबोधित करते हुए संयुक्त अरब अमीरात की राजकुमारी ने आयोजक को याद दिलाया था कि कैसे विवादास्पद टीवी एंकर नियमित रूप से इस्लाम और उसके अनुयायियों को बदनाम कर रहा है।

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इस आदमी ने एक ही मंडप में 9 महिलाओं से की शादी और साथ खड़ी देखती रही पहली बीवी

जैसा की सभी जानते है शादियों का सीजन चल रहा है। आपको हर तरफ बैंड-बाजे की धुन सुनाई देगी और भारत में शादियां काफी प्लानिंग से की जाती है। इसे समाज में रुतबे से जोड़ा जाता है। भारत में तो हिंदू धर्म में एक पत्नी के होते हुए दूसरी शादी करना इलीगल है। लेकिन हम लोग जिस व्यक्ति के बारे में आप सबको बताने जा रहे है उसके स्टोरी सुन आपके होश उड़ जायेगे।

इन दिनों एक शख्स, जिसने एक साथ एक ही मंडप में 9 महिलाओं से शादी (Marriage With 9 Women) की, चर्चा में है। इस अनोखी शादी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। ये अजीबोगरीब शादी ब्राजील के साउ पाउलो (Sao Paulo) में हुई। यहां एक चर्च में पादरी की मौजूदगी में आर्थर (Arthur O Urso) ने 9 महिलाओं से शादी की मुफ्त प्यार के लिए ऐसा किया। इस शादी से पहले आर्थर ने लुआना कज़ाकि के साथ शादी की थी, जिसके साथ वो हाल ही में हनीमून मना कर लौटा था।

लेकिन हनीमून से वापस आकर इस जोड़े ने डिसाइड किया कि आर्थर कई अन्य महिलाओं से भी शादी करेगा। दोनों ने ऐसा ही किया और आर्थर ने हाल ही में एक साथ 9 महिलाओं से शादी रचा ली। आर्थर और उसकी पहली पत्नी ग्रुप मैरिज से पहले भी चर्चा में आ चुके हैं, कुछ समय पहले इस कपल की चर्चा उनके हनीमून की तस्वीरों के कारण हुई थी। इस कपल ने अपना हनीमून फ्रांस की विवादित कैप डी अगड़े नाम की जगह पर मनाया था।

इस जगह पर लोग बिना कपड़ों के रास्ते पर, मॉल में और पब्लिक प्लेसेस पर घूमते हैं। कपल ने भी अपना नेकेड हनीमून मनाया और इसकी तस्वीरें शेयर की थी। पति के 9 शादियां करने पर आर्थर की पहली पत्नी को कोई परेशानी नहीं है। उसने खुद इस शादी समारोह को अटेंड किया आर्थर का कहना है कि प्यार ऐसी चीज है, जो मुफ्त है। इसे बांटना चाहिए ना कि किसी एक के लिए लिमिट कर देना चाहिए। ये कपल तब अचानक चर्चा में आ गया था जब लॉकडाउन के दौरान उसने एडल्ट साइट ओनलीफैंस पर अकाउंट बनाकर लाखों कमाना शुरू किया था।

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अमेरिका में है एक ऐसा शहर जिसका प्रशासन है मुसलमानों के हाथ में

अमेरिका में एक ऐसा शहर भी है जिसमे आपको जाने के बाद लगेगा आप की Gulf Country में आगे हो क्यूंकि इस सिटी में आपको पूरा Muslim culture देखने को मिलेगा। मिशीगन के हैमट्रैम्क शहर की गलियों से होकर गुज़रने पर लगता है जैसे आप पूरी दुनिया ही घूम रहे हों। यहां पोलैंड का सॉसेज स्टोर, पूर्वी यूरोप की बेकरी, यमन का डिपार्टमेंटल स्टोर और बंगाली कपड़ों की दुकान सब एक कतार में दिखते हैं।

वहीं चर्च की घंटियों और अज़ान की आवाज़ एक साथ आती है। हैमट्रैम्क के 5 वर्ग किलोमीटर इलाक़े में तीस से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। दो वर्ग मील के इस शहर के बारे में कहा जाता है कि ये अपने आप में पूरी दुनिया है और यहां आकर ऐसा लगता भी है। 28 हज़ार की आबादी के इस मध्य-पश्चिमी शहर ने इस सप्ताह इतिहास रचा है। यहां की सिटी काउंसिल में सभी मुसलमान चयनित हुए हैं।

यहां मेयर भी मुसलमान है। ये अमेरिका का पहला शहर बन गया है जहां का नगरीय प्रशासन मुसलमानों के हाथों में है। एक समय यहां मुसलमानों को भेद’भाव का सामना करना पड़ा था। अब वो यहां की बहुनस्लीय समुदाय का अहम हिस्सा बन चुके हैं। शहर की आधी आबादी इस समय मुसलमान है। अमेरिका में विविधता बढ़ रही है और इस शहर को बेहतर भविष्य के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है

लेकिन सवाल ये है कि क्या हैमट्रैम्क एक अपवाद बनकर रह जाएगा? आर्थिक चुनौतियों और गंभीर सांस्कृतिक बहसों के बावजूद इस शहर के लोग शांति और प्यार से रहते हैं। यहां दुकानों के बाहर अरबी और बंगाली में बोर्ड लगे होते हैं। बांग्लादेशी कपड़े शान से बिकते हैं। यही नहीं मुसलमान शहरवासी पोलेंड के कस्टर्ड भरे डोनट पाज्क़ी खाने के लिए कतार में खड़े नज़र आते हैं। जर्मन प्रवासियों का ये शहर अमेरिका में पहला मुस्लिम बहुल शहर भी है।